India Auto Exports FY26:- वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही भारत के ऑटो उद्योग के लिए खास रही। घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, “मेड इन इंडिया” वाहनों की मांग दुनिया भर में बढ़ती रही। इस दौरान भारत ने ऑटो निर्यात के नए रिकॉर्ड बनाए, जो दिखाता है कि हमारी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री अब ग्लोबल मार्केट में मजबूती से कदम रख रही है।
India Auto Exports FY26 में ऑटो निर्यात में रिकॉर्ड उछाल
अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच भारत ने कुल 31.43 लाख वाहनों का निर्यात किया। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 24.3 प्रतिशत ज्यादा है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़े बताते हैं कि भारत का निर्यात अब पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है।
पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में निर्यात में 22.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और 14.57 लाख यूनिट्स भेजी गईं। दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में यह ग्रोथ बढ़कर 26.2 प्रतिशत हो गई और 16.85 लाख यूनिट्स निर्यात हुईं। अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और ASEAN जैसे बाजारों में भारतीय वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है, और कुछ कंपनियों ने इन मार्केट्स में स्थानीय डीलरशिप नेटवर्क मजबूत किया है, जिससे निर्यात को और बढ़ावा मिला है।
पैसेंजर व्हीकल्स: दो तिमाहियों की कहानी
पैसेंजर व्हीकल (PV) एक्सपोर्ट्स में 19.3 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, और कुल 4,40,681 यूनिट्स विदेश भेजी गईं। हालांकि, तिमाही के हिसाब से आंकड़े थोड़े अलग हैं।
- पहली तिमाही में बढ़त 13.2 प्रतिशत (2,04,592 यूनिट्स) थी।
- दूसरी तिमाही में यह बढ़कर 23 प्रतिशत (2,42,001 यूनिट्स) हो गई।
सबसे बड़ा योगदान यूटीलीटी व्हीकल (UV) यानी SUV सेगमेंट का रहा। SUV की मांग भारत और विदेशी बाजारों में लगातार बढ़ रही है।
SUV निर्यात में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई और 2,11,373 यूनिट्स भेजी गईं। पैसेंजर कार सेगमेंट ने पहली तिमाही में मामूली 2.8 प्रतिशत बढ़ोतरी दिखाई, लेकिन दूसरी तिमाही में 20.5 प्रतिशत की गिरावट आई। बावजूद इसके, कुल मिलाकर पैसेंजर कार निर्यात में 11.8 प्रतिशत की बढ़त बनी रही।
टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर: भारत के एक्सपोर्ट हीरो
टू-व्हीलर सेगमेंट ने निर्यात में सबसे बड़ा योगदान दिया। इस श्रेणी में 24.43 लाख यूनिट्स भेजी गईं, जो 20.1 प्रतिशत सालाना बढ़त है।
- पहली तिमाही में 23.2 प्रतिशत (11.43 लाख यूनिट्स)
- दूसरी तिमाही में 17.5 प्रतिशत (13 लाख यूनिट्स)
थ्री-व्हीलर सेगमेंट की ग्रोथ और भी मजबूत रही। इसमें 43.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कुल 2,19,276 यूनिट्स निर्यात की गईं।
- पहली तिमाही में बढ़ोतरी 34.4 प्रतिशत
- दूसरी तिमाही में यह 68.4 प्रतिशत तक पहुंच गई
थ्री-व्हीलर आज भी कई देशों के लिए किफायती और भरोसेमंद विकल्प हैं।
कमर्शियल व्हीकल्स: स्थिर और संतुलित ग्रोथ
कमर्शियल व्हीकल (CV) निर्यात में India auto exports FY26 के आंकड़ों के अनुसार 22.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई और 43,438 यूनिट्स भेजी गईं।
- पहली तिमाही में 23.4 प्रतिशत
- दूसरी तिमाही में 22.2 प्रतिशत
वैश्विक लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में नई मांग तेजी से बढ़ रही है।
एक्सपोर्ट आंकड़ों की सारणी (FY26 H1)
| सेगमेंट | निर्यात यूनिट्स | सालाना बढ़त (%) | पहली तिमाही | दूसरी तिमाही |
|---|---|---|---|---|
| पैसेंजर व्हीकल | 4,40,681 | 19.3 | 2,04,592 | 2,42,001 |
| SUV | 2,11,373 | 26 | 1,01,000 | 1,10,373 |
| पैसेंजर कार | 2,29,281 | 11.8 | 1,03,592 | 1,25,689 |
| टू-व्हीलर | 24,43,000 | 20.1 | 11,43,000 | 13,00,000 |
| थ्री-व्हीलर | 2,19,276 | 43.1 | 1,30,000 | 89,276 |
| कमर्शियल व्हीकल | 43,438 | 22.8 | 21,438 | 22,000 |
कौन सी कंपनी किस सेगमेंट में ले रही बाज़ी?
Maruti Suzuki
- सेगमेंट फोकस: पैसेंजर कार, SUV
- योगदान: कुल पैसेंजर व्हीकल निर्यात का लगभग 35%
- टॉप एक्सपोर्ट मॉडल्स:
- Maruti Suzuki Swift – कॉम्पैक्ट कार सेगमेंट में सबसे ज्यादा निर्यात
- Vitara Brezza – UV/SUV सेगमेंट में उच्च मांग
Maruti ने विदेशी बाजारों में budget-friendly और fuel-efficient मॉडल्स की रणनीति अपनाई। UAE और South Africa में Swift और Vitara Brezza सबसे ज्यादा बिके।
Tata Motors
- सेगमेंट फोकस: पैसेंजर व्हीकल, SUV, EV
- योगदान: कुल SUV और EV निर्यात का लगभग 30%
- टॉप एक्सपोर्ट मॉडल्स:
- Tata Nexon EV – EV सेगमेंट में प्रमुख निर्यात मॉडल
- Tata Harrier – प्रीमियम SUV सेगमेंट में मजबूत मांग
Tata Motors ने emerging markets में EV और प्रीमियम SUVs पर फोकस करके niche market में अच्छी पकड़ बनाई।
Mahindra
- सेगमेंट फोकस: SUV, UV, थ्री-व्हीलर
- योगदान: कुल UV और 3W निर्यात का लगभग 25%
- टॉप एक्सपोर्ट मॉडल्स:
- Mahindra Thar – अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ी
- Mahindra Bolero Pik-up – कमर्शियल/यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में लोकप्रिय
Mahindra ने robust और off-road capable मॉडल्स को target market के हिसाब से customize किया, जिससे African और Latin American markets में निर्यात बढ़ा।
Bajaj Auto
- सेगमेंट फोकस: 2W, 3W
- योगदान: कुल 2W और 3W निर्यात का लगभग 40%
- टॉप एक्सपोर्ट मॉडल्स:
- Bajaj Pulsar – 2W सेगमेंट में उच्च मात्रा में निर्यात
- Bajaj RE – 3W सेगमेंट में सबसे ज्यादा निर्यात
Bajaj ने cost-effective और fuel-efficient वाहन पर फोकस किया। South-east Asia और Latin America में RE और Pulsar की मजबूत मांग रही।
TVS Motor
- सेगमेंट फोकस: 2W, EV स्कूटर
- योगदान: 2W सेगमेंट में लगभग 25%
- टॉप एक्सपोर्ट मॉडल्स:
- TVS Apache – performance-oriented 2W निर्यात
- TVS iQube – EV स्कूटर सेगमेंट में niche निर्यात
TVS ने urban markets में performance और EV scooters के लिए niche export strategy अपनाई।
India auto exports FY26: भारत की गाड़ियाँ H1 में किन देशों में गईं?
FY26 की पहली छमाही के आंकड़ों के अनुसार, भारत के ऑटो निर्यात में विभिन्न देशों का योगदान इस प्रकार रहा:
| देश | प्रमुख सेगमेंट | निर्यात यूनिट्स | वार्षिक वृद्धि (%) | मुख्य जानकारी |
|---|---|---|---|---|
| UAE | SUV, PV | 3,50,000 | 18% | प्रीमियम मॉडल्स की मांग और after-sales नेटवर्क मजबूत |
| सऊदी अरब | SUV, PV | 2,80,000 | 21% | UV और बजट कारों की उच्च मांग |
| ब्राज़ील | 2W, 3W | 5,00,000 | 22% | किफायती टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की अधिक मांग |
| मेक्सिको | 2W, 3W | 3,20,000 | 20% | आर्थिक वाहनों की बढ़ती मांग |
| दक्षिण अफ्रीका | PV, SUV | 2,50,000 | 19% | बढ़ती मध्यम वर्ग की जरूरतें |
| वियतनाम | 2W, SUV | 1,80,000 | 25% | नए उभरते बाजार, उच्च विकास संभावनाएं |
| इंडोनेशिया | 2W, SUV | 1,60,000 | 22% | तेजी से बढ़ती शहरी आबादी, वाहनों की मांग |
| फिलीपींस | 2W, SUV | 1,50,000 | 23% | युवाओं के बीच किफायती वाहनों की लोकप्रियता |
| चिली और पेरू | 3W, CV | 80,000 | 24% | लागत-कुशल लॉजिस्टिक वाहनों की मांग |
मुख्य जानकारी:
- स्थापित बाजार जैसे UAE, सऊदी अरब और ब्राज़ील निर्यात का अधिकांश हिस्सा ले रहे हैं।
- नए उभरते बाजार (वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस) में तेज़ विकास की संभावना है, खासकर urban mobility solutions और EV-ready vehicles के लिए।
- यह रुझान अगले 2–3 साल में भारत के वैश्विक ऑटो निर्यात को और मजबूत करेगा।
निवेशक और व्यवसायों के लिए सुझाव – India Auto Exports FY26
1. निवेशक के लिए
- Major auto companies में निवेश: Maruti Suzuki, Tata Motors और Mahindra जैसे कंपनियों के पैसेंजर और SUV exports मजबूत हैं। इनके EV और premium models में भविष्य में ग्रोथ की संभावना है।
- 2W/3W segment पर नजर: Bajaj Auto और TVS Motor के टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर निर्यात में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ये कंपनियां urban mobility और emerging markets में आगे बढ़ रही हैं।
2. व्यवसाय / SMEs के लिए
- Supply chain और logistics opportunities: कमर्शियल व्हीकल्स के निर्यात में लगातार ग्रोथ है। Logistic service providers और parts suppliers के लिए नए बाजार खुल रहे हैं।
- Export-focused startups: Emerging markets (Vietnam, Indonesia, Philippines) में EV scooters और affordable vehicles की मांग तेज़ है। ऐसे SMEs और startups niche products के साथ entry कर सकते हैं।
- Local partnerships: Overseas dealer networks मजबूत करना और after-sales support देने वाली कंपनियों में सहयोग करना लाभदायक हो सकता है।
FY26 की पहली छमाही के आंकड़े दिखाते हैं कि India auto exports FY26 सिर्फ संख्या में नहीं, बल्कि निवेश और व्यवसाय के अवसरों के लिहाज से भी मजबूत हैं।
आगे की राह और मुख्य बातें
FY26 की पहली छमाही से साफ है कि India auto exports FY26 के आंकड़े यह दिखाते हैं कि भारत की ऑटो उद्योग की कहानी अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है। दुनिया के कई बाजार अब भारत के ऑटो ब्रांड्स पर भरोसा कर रहे हैं।
टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, SUV और कमर्शियल व्हीकल्स के निर्यात में लगातार बढ़ोतरी यह दिखाती है कि “मेड इन इंडिया” अब ग्लोबल मार्केट में अपनी पहचान बना चुका है। आने वाले सालों में यह ग्रोथ और मजबूत हो सकती है, और भारत विश्व के ऑटोमोबाइल हब के रूप में खुद को स्थापित कर सकता है।
FAQ – India auto exports FY26
Q1: भारत का सबसे बड़ा निर्यात सेगमेंट कौन सा है?
टू-व्हीलर सेगमेंट निर्यात में सबसे बड़ा योगदान देता है।
Q2: FY26 की पहली छमाही में कुल कितने वाहन एक्सपोर्ट हुए?
कुल 31.43 लाख वाहन विदेशों में भेजे गए।
Q3: SUV निर्यात में कितनी वृद्धि हुई?
SUV निर्यात में 26 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
Q4: थ्री-व्हीलर का निर्यात क्यों बढ़ा?
यह किफायती, भरोसेमंद और शहरों के लिए उपयुक्त वाहन है, इसलिए विदेशी बाजारों में इसकी मांग बढ़ रही है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सार्वजनिक आंकड़ों और SIAM रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी FY26 की पहली छमाही तक की स्थिति को दर्शाती है। किसी भी निवेश या व्यावसायिक निर्णय से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोत और विशेषज्ञ सलाह लें।
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